भारत देश के 10 रहस्यमयी प्राचीन मंदिर जानिए इन मंदिरो क्या रहस्य है

भारत देश 10 रहस्यमयी प्राचीन मंदिर:

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करणी माता मंदिर:

करणी माता का यह मंदिर जो बीकानेर में स्थित है बहुत ही अनोखा मंदिर है, इस मंदिर में रहते हैं लगभग 20000 काले चूहे लाखों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु जहां अपनी मनोकामना पूरी करने आते हैं। करणी देवी जिन्हें दुर्गा का अवतार माना जाता है, कि मंदिर को चूहा वाला मंदिर भी कहा जाता है। यहाँ चूहों को काबा कहते हैं और उन्हें बाकायदा भोजन कराया जाता है इनकी सुरक्षा की जाती है यहाँ इतने हुए हैं चूहे कि आपको पाव घिसट कर चलना पड़ेगा। 

कन्याकुमारी देवी मंदिर:

कन्याकुमारी पॉइंट को इंडिया का सबसे निचला हिस्सा माना जाता है, यहां समुद्र तट पर ही कुमारी देवी का मंदिर है जहां मां पार्वती के कन्या रूप को पूजा जाता है। यह मंदिर बहुत एतिहासिक अथवा महत्वपूर्ण इतिहास छुपाये है जिसे आज तक समझा नहीं गया। यहां सूर्योदय और सूर्यास्त भी देखें कन्याकुमारी अपने सनराइज के लिए काफी प्रसिद्ध है। 

 कैलाश पर्वत:

हिमालय पर्वत की उच्चतम श्रंखला में मानसरोवर में यह है, पौराणिक मान्यताओं के अनुसार यहां भगवान महादेव स्वयं विराजमान है, ये धरती का केंद्र है दुनिया के सबसे ऊंचे स्थान पर स्थित कैलाश मानसरोवर के पास कैलाश और आगे मेरु पर्वत स्थित है, जहां संपूर्ण क्षेत्र शिव और देवलोक कहा गया है। 

शनि शिंगणापुर मंदिर:

सूर्यपुत्र शनिदेव के कई मंदिर को बहुत ज्यादा महत्वपूर्ण माना गया है, वही उन्हीं में से एक प्रमुख है महाराष्ट्र में स्थित शिंगणापुर का शनि मंदिर विश्व प्रसिद्ध इस  शनि मंदिर की विशेषता यह है प्रतिमा बगैर किसी छतरिय गुंबद के खुले आसमान के नीचे एक संगमरमर के चबूतरे पर विराजित है, वही  शिंगनापुर शहर में यह आस्चर्य की बात यह है की शहर के अधिकांश घरों में खिड़की दरवाजे और तिजोरी नहीं हैं। दरवाजों की जगह यदि लगे हैं तो केवल पर्दे ऐसा इसलिए क्योंकि यहाँ इस शहर में चोरी बिलकुल नहीं होती स्थानीय लोगो का कहना है की चोरी करने वाले को शनि भगवान नहीं छोड़ते उसे दंड अवश्य मिलता है। 


 सोमनाथ मंदिर:

 सोमनाथ मंदिर प्राचीन काल में आक्रमणकारियों द्वारा इसका शिवलिंग को तोड़ दिया गया था।  24 शिवलिंग की स्थापना की गई थी गुजरात में स्थित इस मंदिर के बारे में कहा जाता है कि इसका निर्माण स्वयं चंद्रदेव ने किया था। इसका उल्लेख ऋग्वेद में भी मिलता है, स्थान को सबसे रहस्य में माना जाता है यदुवंशियों के लिए यह प्रमुख स्थान है, इस मंदिर को अब तक 17 बार नष्ट किया गया है और हर बार इसका पुनर्निर्माण किया गया है, यही भगवान श्रीकृष्ण ने देह त्याग किया था। भगवान श्री कृष्ण का वह एक बहुत ही सुन्दर मंदिर बनाया गया है जिसे देखने लोग दूर दूर से अपनी प्रार्थना लेके आते है। 

कामाख्या मंदिर:

 कामाख्या मंदिर को तांत्रिक का गढ़ कहा जाता है, माता के 51 शक्तिपीठों में से एक इस पीठ को सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है, यह असम के गुवाहाटी में स्थित है, जहां त्रिपुरा, सुंदरी, मातंगी और कमला की प्रतिमा मुख्य रूप से स्थापित है।  दूसरी ओर सात अन्य रूपों की प्रतिमा अलग-अलग मंदिरों में स्थापित की गई है। जो मुख्य मंदिर को घेरे हुए हैं। 

ज्वाला देवी मंदिर:

 ज्वाला देवी का मंदिर हिमाचल में स्थित है। जहां माता की जीभ गिरी थी।  1000 वर्षों से यहां स्थित देवी के मुख से अग्नि निकल रही है, इस मंदिर की खोज पांडवों ने की थी। इस जगह का एक अन्य आकर्षण तांबे का पाइप भी है, जिसमें से प्राकृतिक गैस का प्रवाह होता है। इस मंदिर में अलग अग्नि की अलग-अलग 9 लपटे हैं जो अलग-अलग देवियो को समर्पित है, वैज्ञानिकों के अनुसार मृत ज्वालामुखी की अग्नि हो सकती है, हजारों साल पुराने मां ज्वाला देवी के मंदिर में जो 9 ज्वालायें प्रजल्लित है, वो 9 देवियो महाकाली, महालक्ष्मी, सरस्वती, अन्नपूर्णा, विंध्यवासिनी, हिंगलाज भवानी, अंबिका और अंजना देवी के स्वरूप हैं।  कहते हैं, की सतयुग में महाकाली के परम भक्त राजा भूमिचंद ने स्वप्न से  प्रेरित होकर यह भव्य मंदिर बनवाया था। जो भी  सच्चे मन से रहस्यमयि मंदिर के दर्शन के लिए आया है, उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। 

उज्जैन का काल भैरव मंदिर:


हलाकि इस मंदिर के बारे में सभी जानते हैं कि यहां के काल भैरव की मूर्ति मदिरापान करती है, इसलिए यहां मंदिर में प्रसाद की जगह शराब चढ़ाई जाती है। यह शराब यहां प्रसाद के रूप में भी बांटी जाती है। कहा जाता है कि काल भैरवनाथ इस शहर के रक्षक हैं। 

खजुराहो का मंदिर:

 आखिर क्या कारण है कि उस काल के राजा ने सेक्स को समर्पित मंदिर की पूरी  श्रृंखला बनवाई यह रहस्य आज भी बरक़रार है। खजुराहो भारत के मध्य प्रदेश राज्य के छतरपुर जिले में स्थित है, लेकिन फिर भी भारत में ताजमहल के बाद सबसे ज्यादा देखे और घूमे जाने वाले पर्यटन स्थलों में अगर कोई दूसरा नाम आता तो वह है, खजुराहो खजुराहो भारतीय आर्य स्थापत्ति और वास्तुकला की एक नया मिसाल है चंदेल शासकों ने इन मंदिरों का निर्माण सन 900 से 1130 ईसवी के बीच करवाया था इतिहास में इन मंदिरों का सबसे पहला जो उल्लेख मिलता है मैं अब्बू रिहान अलबरूनी 1022 ईस्वी तथा अरब मुसाफिर इब्नबतूता का है कला पारखी चंदेल राजाओं ने करीब 84 बेजोड़ लाजवाब मंदिर का निर्माण करवाया था। लेकिन उनमें से अभी तक सिर्फ 22 मंदिरों की खोज हो पाई है यह मंदिर सैब वैष्णव तथा जैन संप्रदाय से संबंधित है। 

अजंता एलोरा के मंदिर:

 अजंता एलोरा की गुफाएं भारत देश में बहुत ऐतिहासिक धरोहर में से एक है यह महाराष्ट्र में स्थित है। यह ऐतिहासिक गुफाएं बड़ी-बड़ी चट्टानों को काटकर बनाई गई है। जहा लगभग 29 गुफाएं अजंता में स्थित है वही लगभग 34 गुफाएं एलोरा पाई गई है जिससे यह जगह और भी प्राचीन मानी गई है जिसकी प्राचीनता पूरे भारत देश में फैली हुई है।  इन राष्ट्रकूट वंश के शासकों द्वारा बनवाया गया था। इन गुफाओ  के रहस्य पर आज भी शोध किया जा रहा है। ऋषि मुनि और बिकचु गहन तपस्या और अध्ययन करते थे।

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