पुराना भारत

सदियों पुराना भारत और उसका जीवन:

1000 वर्ष पहले हमारा भारत देश यैसे हुआ करता था। आज के समय में चीजे  कितनी आसान हो गई है, ना आज के इस 21वी सदी में फोन के साथ लोग भी स्मार्ट बन चुके हैं, आज लोगों को अगर कहीं दूर भी पहुंचना हो तो वह चंद घंटों में पहुंच जाते हैं, आज सुई से लेकर गिटार तक बस आपसे सिर्फ एक क्लिक की दूरी पर है

 पर क्या आपने कभी यह सोचा है कि आज से करीब 1000 साल पहले जी हां सन 1008 AD में दुनिया कैसी रही होगी कैसे रहते और जीते होगे वह लोग और आज हम जानेंगे कि सन 1000 में कैसी थी ये दुनिया  पहले की दुनिया यानी कि सन 1000 से 1100 के आसपास की दुनिया यह टाइमफ्रेम इतिहास में मध्यकालीन युग में जाने की मिडाइवल हिस्ट्री में आता है इस समय भारतीय जो रूलर थे उन्हें हिस्ट्री की किताबों में इंडिजिनियस रूलर कहा जाता है भारत में तो इंडिजिनियस रूलर राज कर रहे थे लेकिन इनके अलावा कई बाहरी हमलावर भी भारत में आए थे। 

 और कई बार भी कुछ कुछ जगहों पर राज कर रहे थे इस समय काल में भारत में पल्ल्वाश, चोलास, पण्ड्यास, चौलक्य और राष्ट्रकूटास जैसे राजवंश राज कर रहे थे। ट्रांसपोर्टेशन इन द ईयर ऑफ 1000 जाहिर है कि साल 1000 ईस्वी का जमाना हमारे आज के इस युग से बिल्कुल अलग था उस वक्त दुनिया बहुत बड़ी हुआ करती थी क्योंकि  के यात्रा के नाम पर सिर्फ पैदल चलना घुड़सवारी करना याद नाव चलाना है संभव था

 इसलिए इंसान अपने आसपास के कुछ किलोमीटर की दुनिया में ही बिजी रहते थे कुछ सैकड़ों किलोमीटर पार की दुनिया तो उनके लिए बेहद नई  हो जाया करती थी कुछ ही किलोमीटर के बाद बोली बदल जाया करती थी। क्योंकि कुछ दूर के लोगों का जुड़ाव कुछ दूर पार के लोगों से दूर के लोगों का जुड़ाव कुछ दूर पार के लोगों से कम हुआ करता था साल 1000 में औद्योगिक विकास उस वक्त मशीनरी तो मौजूद नहीं थी जो बहुत बड़े पैमाने पर उत्पादन कर सके लेकिन उस वक्त भी चीन में उत्पादन हुआ करता था। 

जो एक ही भट्टी में एक बार में हजारों की तादाद में चीनी मिट्टी से बने बर्तन और खिलौने बना दिया करते थे। ये भट्टिया लकड़िया और कोयले से जलाई जाती थी। जबकि भारत की बात करें तो उस समय भारत में कपड़े खानपान की चीजें और मसालों का बड़े पैमाने पर उत्पादन होता था और भारत से यह चीजें पूरी दुनिया में बेची जाती थी

 इस समय काल में भारत दुनिया का 30% (Food Goods And Service) उत्पादन करता था। जबकि चाइना दुनिया का 25% करता था और यूरोप 11% करता था। आप अंदाजा लगा सकते है की सबसे ज्यादा जनसंख्या इन तीन कारण में ही मौजूद थी। इनके अलावा बाकी सभी जगहों में जैसे की अमेरिका, लेटिन अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, नॉर्थेर्न रूस यहाँ पर जनसंख्या भी कम थी और विकास भी नहीं था। 

शहर और गांव का जीवन 1000 AD:


 सदियों पुराना भारत और उसका जीवन 1000 वर्ष पहले हमारा भारत देश यैसे हुआ करता था। उस समय भी शहरो में दुकाने अथवा मंडी लगी रहती थी, दुकाने आम तौर पर सामन्य चीजे बेचा करती थी। और यह दुकाने मंडी के पास ही हुआ करती थी जो कई जगहों पर आज भी देखने को मिलती है। तब संचार सुविदा तो नहीं हुआ करती थी लेकिन आम तौर पर उस समय सोना, चांदी, बर्तन, कपडे खाने के मसाले, इत्र, फल, फूल, सब्जिया और धार्मिक वस्तुओ की दुकाने हुआ करती थी।

 तब कारीगरी काम करने वाले कारीगर जैसे सुतार, कुम्हार, लोहार ये सब के सब अपने हाथो से काम किया करते थे यह अपने काम में माहिर और एक्सीलेंट थे आज सायद कोई मशीन भी नहीं बना सके यैसी कलाकृतिया उस समय कारीगर बनाया करते थे। उस समय भारत की 10% से कम जनसंख्या शहरो में रहा करती थी और 90% से भी ज्यादा सनसँख्या गांव में निवास करती थी हर एक गांव में पानी के लिए तालाब हुआ करते थे और जहा नहीं होते थे वह तालाब खुदवाये जाते थे हर एक गांव में एक मंदिर जरूर होता था वही गांव के लोग बरसात के पानी में अपनी खेती के लिए निर्भर रहते थे। 

वर्ष 1000 में आवास एवं निर्माण कार्य:

साल 1000 में आम तौर पर सारे घर और महल तक चिकनी मिट्टी हाथ से बनाई गई ईटे लकड़ी अथवा चूने पत्थर से बने होते थे। आज के समय सीमेंट से बनाये गए घरो की आयु लगभग 30 से 40 साल होती है, और इन्ही घरो में 10 से 15 सालो में दरारे आनी सुरु हो जाती है। लेकिन पुराने घर और महल जो चूने और  मिट्टी से बनते थे जिसमे सीमेंट का कोई रोल ही नहीं होता था यैसे घरो की आयु 500 से 1000 वर्ष तक हुआ करती थी और आज के समय में भी आप 500 से 700 वर्ष पुराने महल और हवेलिया देख सकते है।    

1000 साल पहले की व्यापार:

व्यापार की बात करे तब भी मुद्राये चलती थी लेकिन उस समय के लोगो के पास इतना पैसा न होने के कारण किसी एक चीज के बदले दूसरी चीज ले लिया करते थे गेहू के बदले चावल अथवा फल जैसे बर्तन के बदले लकड़िया देना यैसे ही एक दूसरे की वस्तुए देकर व्यापार हुआ करते थे।  और सभी लोगो की जरुरी चीजों की आपूर्ति भी पूर्ण हो जाया करती थी उस वक़्त ज्यादातर लोग अपना पारिवारिक व्यवसाय किया करते थे। 

 पहले का न्यायतंत्र:

 सदियों पुराना भारत और उसका जीवन पहले तो राज्य के बड़े फैसले राजा ही लिया करते थे लेकिन गांव और शहरो के छोटे  छोटे लोगो की बहुत सारी समस्या भी होती है। और आज की समस्याओ को सुलझाने के लिए कोर्ट तो है ही लेकिन उस समय न्यायलय नहीं हुआ करते थे और वही उस समय न्यायलय का काम पंच किया करते थे पंच यानी गांव के बड़े 5 लोग जिन्हे पंचायत में बैठाया जाता था और वही लोग गांव की छोटी बड़ी समस्या का निर्णय लिया करते थे। 


शादी और रिश्ते कैसे हुआ करते थे:


 सदियों पुराना भारत और उसका जीवन उस समय ज्यादतर माता पिता द्वारा तय किया गया विवाह ही हुआ करते थे यैसी शादियो में लड़का और लड़की दूसरे गांव अथवा दूसरे शहर के होते थे  हलाकि जो भी शादिया हुआ करती थी वह पास के गांव में ही किया करते थे जो 10 या 15 किलोमीटर दूर हुआ करते थे, और बारात एक दिन के लिए नहीं बल्कि 4 या 5 दिन के लिए जाया करती थी और यह बारात बैल गाड़ियों में जाया करती थी और बारातियो का स्वागत 3 अथवा 4 तक के लिए किया जाता था 1000 वर्ष पहले हमारा भारत देश यैसे हुआ करता था। 

Leave a Reply

Your email address will not be published.