रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान थाना अंतर्गत लोहदवार गांव से लापता एक ही परिवार के तीनों बच्चे 43 घंटे बाद बरामद हो गए है। पुलिस का दावा है कि 7वीं कक्षा में पढ़ने वाले छात्र के कहने पर 30 किमी. दूर तक साइकिल चलाते हुए भटकते-भटकते गोविंदगढ़ पहुंच गए। जहां एक ढाबे में खाना खाते हुए रात गुजारी।

फिर दूसरे दिन पूछते-पूछते गांव पहुंच गए। लेकिन परिजनों का सामना नहीं कर पाए। ऐसे में घर के पीछे रखे धान के पैरा में सो गए। जब तीसरे​ दिन पुलिस गांव पहुंची तो तीनों बच्चे धान के पैरा में सोते मिले। सकुशल बच्चे मिलने पर पुलिस और परिजनों ने राहत की सांस ली है।

थाना प्रभारी पुष्पेन्द्र यादव ने बताया कि गुरुवार दोपहर 12 बजे 6वीं, 7वीं और 8वीं में पढ़ने वाले प्रकाश अवस्थी, प्रिंस अवस्थी, शिव अवस्थी संदिग्ध हालत में अचानक लापता हो गए थे। तब स्कूल प्रबंधन का दावा था कि तीनों बच्चे लोहदवार स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आए जरूर थे।

लेकिन कक्षा के अंदर बैग फेंककर भाग गए थे। इधर एक ही परिवार के तीन बच्चों के लापता होने की शिकायत पर रायपुर कर्चुलियान पुलिस हरकत में आ गई थी। ऐसे में नदी और नहर सर्चिंग करने के बाद अपहरण का मामला दर्ज कर आसपास के थानों में सूचना भेजवाई थी।

43 घंटे बाद मिली खुशी की खबर
बता दें कि गुरुवार और शुक्रवार का दिन व रातभर गायब रहने वाले बच्चे शनिवार की सुबह 7 बजे पुलिस की सर्चिंग में ग्रामीणों ने धान के पैरा में छिपे हुए देखा था। फिर क्रमश: आसपास ही तीनों बच्चे बरामद हो गए। पूछताछ में दो छात्रों ने बताया कि कक्षा 7वीं में पढ़ने वाले प्रकाश अवस्थी ने पूरा प्लान बनाया था। वह स्कूल जाते समय एक साइकिल पा गया था। उसी साइकिल के चक्कर में दो दिन घुमाता रहा। पहले तो हम लोगों को घूमने में मजा आया। फिर मम्मी-पापा कर डर भी लग रहा था। लेकिन रास्ता भटकने के चक्कर में दो दिन परेशान रहे।

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