इनामी डकैत गौरी यादव का खात्मा

मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश में आतंक का पर्याय बने 5 लाख 50 हजार के इनामी डकैत गौरी यादव को उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने मार गिराया। चित्रकूट के बाहिलपुरवा के माधा के पास जंगल में शुक्रवार रात गिरोह और यूपी एसटीएफ की मुठभेड़ हुई थी। दोनों ओर से सैकड़ों राउंड फायरिंग हुई।

मुठभेड़ के दौरान गिरोह के अन्य सदस्य अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।यूपी एसटीएफ ने मौके से 1 AK-47, एक क्लाशनिकोव सेमी ऑटोमैटिक राइफल, 12 बोर की एक बंदूक और काफी संख्या में कारतूस बरामद किए। गौरी यादव पर मध्यप्रदेश के सतना जिले के थानों में कई मामले दर्ज हैं। मध्यप्रदेश सरकार ने उस पर 50 हजार का इनाम घोषित किया था, जबकि यूपी पुलिस ने 5 लाख रुपए का इनाम रखा था।

जमानत के बाद दरोगा को मारा

इनामी डकैत गौरी 2009 में गिरफ्तार हुआ था। बाद में उसे जमानत मिली, वो जेल से बाहर आया। इसी दौरान उसने बिलहरी गांव में दिल्ली पुलिस के दारोगा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हादसे के बाद से वो दोबारा जंगल मे उतरा था। पुलिस के मुताबिक, डकैत गौरी यादव का गैंग काफी कमजोर हो गया था। उसके गैंग में ज्यादा सदस्य नहीं बचे थे। गैंग में लगभग 6 या 7 सदस्य ही बचे थे। बारिश बंद होने का पुलिस इंतजार कर रही थी। पहले ही पुलिस ने दावा किया था कि बरसात के मौसम के बाद इसे ढेर कर दिया जाएगा।

2005 में गौरी ने अपना गैंग बनाया था

साल 2001 से गौरी डकैती कर रहा था। गौरी ने साल 2005 में अपना अलग गैंग बनाकर वारदात को अंजाम देना शुरू किया था। ददुआ व ठोकिया की मौत के बाद साल 2009 में बांदा पुलिस ने उसको गिरफ्तार किया। दो साल बाद वह जमानत पर बाहर आ गया था।

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