चित्रकूट जिले के मुख्य दशनीय स्थान

 चित्रकूट जिले की मुख्य जानकारी:

यह जिला भारत देश के उत्तर प्रदेश राज्य में इस्थित उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से एक चित्रकूट जिला के नाम से जाना जाता है। चित्रकूट जिला उत्तर प्रदेश के दक्षिण दिशा की ओर बता है। जिस वजह से इस जिले की सीमा मध्यप्रदेश राज्य से मिलती है। इस जिले का हेड क्वार्टर ऑफिस चित्रकूट धाम शहर में मौजूद है। चित्रकूट जिला होने के साथ-साथ एक मंडल भी है और चित्रकूट जिला चित्रकूट मंडल के अंतर्गत आता है। इस जिले का पुराना नाम छत्रपति शाहूजी महाराज था।

 इसलिए की स्थापना 6 मई 1997 में बांदा जिला के बंटवारे के समय किया गया था। 4 सितंबर 1998 को इस जिले का नाम बदलकर चित्रकूट रखा गया था। चित्रकूट जिला के पड़ोसी जिले ग्राम फतेहपुर, जिला कौशांबी, जिला बांदा जिला और मध्यप्रदेश राज्य है। चित्रकूट जिला में चार तहसील 5 ब्लॉक एक लोकसभा 3 विधानसभा 10 पुलिस स्टेशन, 14 सरकारी बैंक चार विश्वविद्यालय, 17 बिजलीघर छह मुख्य अस्पताल और 653 गांव में बटा हुआ है। 


चित्रकूट जिले की जनसंख्या:

क्षेत्रफल की बात करें तो उत्तर प्रदेश के चित्रकूट जिले का कुल क्षेत्रफल 3164 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और बात करें आबादी की तो वर्ष 2011 के जनगणना के अनुसार चित्रकूट जिला की कुल आबादी 9 लाख 91 हजार 697 है  जिसमें कि पुरुष की कुल आबादी5 लाख 27 हजार 696 है। और महिला की कुल आबादी 4 लाख 64 हजार 120 है। इसलिए का औसत लिंगानुपात 880 के करीब है यानी कि चित्रकूट। जिला में एक हजार पुरुषों पर 880 महिला है। 


चित्रकूट जिले के मुख्य नदी का नाम यमुना नदी है यमुना नदी के किनारे पर बसा यह जिला उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से महज 230 किलोमीटर और देश की राजधानी दिल्ली से लगभग 691 किलोमीटर है। जिला की सड़कें उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बड़े-बड़े शहरों के साथ अच्छी तरह से जुड़ी हुई है। 


इस जिला के माध्यम से नेशनल हाईवे संख्या 76 गुजरती है जो आगे चलकर देश के बड़े-बड़े शहरों के साथ अच्छी तरह से मिलती है या जिला बस के माध्यम से भी पड़ोसी जिला और जिला के छोटे बड़े। गांव तक भी बस सेवा मैया प्रदान कराता है।

 रेलवे स्टेशन की बात करें तो चित्रकूट जिले के मुख्य रेलवे स्टेशन का नाम चित्रकूटधाम कर्वी रेलवे स्टेशन है और इस रेलवे स्टेशन में तीन प्लेटफार्म और तीन पटेरिया शामिल है और इस रेलवे स्टेशन का कोड सीकेटीडी है और चित्रकूट धाम कर्वी रेलवे स्टेशन नॉर्थ सेंट्रल रेलवे जोन के झांसी डिविजन के अंतर्गत आता है। शिक्षा की बात करें तो चित्रकूट जिला में कई ऐसे छोटे बड़े स्कूल व कॉलेज है।

जिसके माध्यम से यहां के बच्चे अच्छी तरह से शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। वैसे जिले की साक्षरता दर 65% है यानी कि यहां की आबादी के अनुसार 65% लोग पढ़े लिखे हैं। इस जिले के कुछ महत्वपूर्ण स्कूल व कॉलेज के नाम इस प्रकार है। गोस्वामी तुलसीदास, गवर्नमेंट कॉलेज, चित्रकूट, इंटर कॉलेज, इंटर कॉलेज, श्री हनुमत इंटर कॉलेज, सरदार पटेल, हाई स्कूल, ज्ञान भारती इंटर कॉलेज यह सभी चित्रकूट जिला में मौजूद है चित्रकूट जिले की मुख्य जगह अथवा महत्वपूर्ण जानकारी पढ़िए।

चित्रकूट धाम के सबसे सुंदर दर्शनीय स्थान:

रामघाट:

राम घाट यह जगह इसलिए इतनी प्रसिद्ध है क्योकि श्री राम और लक्ष्मण जी सहित यहाँ स्नान किया करते थे और यह जगह श्री राम के नाम से जानी जाती है।  इसी घाट पर राम भरत मिलाप मंदिर है, मंदाकिनी नदी के तट पर बने रामघाट में बहुत सारे सुन्दर और प्रसिद्ध मंदिर और प्रतिमाये है। यहाँ की शाम की भगवान श्री राम की आरती सभी मन मोह लेती है। 

जानकी कुण्ड:

यह चित्रकूट का बहुत प्रसिद्ध कुंड माना जाता है जो रामघाट से 2 किलोमीटर की दूरी में पड़ता है यह बहुत ही सुन्दर स्थान है। मंदाकिनी नदी के किनार जानकी कुण्ड स्थित है। माना जाता है कि जानकी यहाँ स्नान करती थीं। जानकी कुण्ड के समीप ही राम जानकी रघुवीर मंदिर और संकट मोचन मंदिर है। जहा शाम की आरती मन मोह लेती है और यहाँ बहुत दूर दूर से लोग घूमने अथवा दरसन के लिए आते है। 

अनसुइया अत्रि आश्रम:

 यह चित्रकूट का महत्वपूर्ण और सुन्दर स्थान है क्योकि यह घने वनों से घिरा यह बहुत ही अच्छा आश्रम है। इस आश्रम में अनुसुइया, अत्रि मुनी, दत्तात्रेय और दुर्वासा मुनि की प्रतिमा स्थापित हैं। इसलिए यह आश्रम बहुत ही एकांत में शांति इलाके अथवा यह बहुत ही सुन्दर है यहाँ लोग दूर दूर से घूमने के लिए आते है। 

गुप्त गोदावरी:

मध्य प्रदेश के सतना जिले से आये लोगो के लिए सबसे पहला दार्शनिक और प्राचीन मंदिर गुप्त गोदवरी ही मिलता है यहाँ दो गुफाएँ हैं। एक गुफा चौड़ी और ऊँची है। प्रवेश द्वार संकरा होने के कारण इसमें आसानी से नहीं घुसा जा सकता। अथवा जैसे जैसे लोग गुफा में अंदर जाते है पानी पैरो से ऊपर आता जाता है 

 इसलिए वहा लोग कुछ ही दूरी तक जाते है। कहा जाता है कि इस गुफा के अंत में राम और लक्ष्मण ने दरबार लगाया था। यह बहुत डरावनी जगह भी पहली बार जाने वाले लोग यहाँ अस्चर्य चकित हो जाते है यहाँ लोग बहुत दूर दूर से आते है चित्रकूट की सबसे सुन्दर और प्रसिद्ध मंदिर अथवा दार्शनिक स्थान। 

हनुमान धारा

यह जगह श्री हनुमान जी के नाम से जानी जाती है यहाँ श्री हनुमान की बहुत बड़ी प्रतिमा है। मूर्ति के सामने तालाब में झरने से पानी गिरता है। पहाड़ी के शिखर पर ही ‘सीता रसोई’ है। यह जगह चित्रकूट की सबसे सुन्दर जगहों में से एक है यहाँ लोग दूर दूर से घूमने आते है यह चित्रकूट के सबसे सुन्दर जगह अथवा प्रसिद्ध मंदिरो की सम्पूर्ण जानकारी। 



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