चित्रकूट भगवान राम का पूजा स्थल

चित्रकूट भगवान राम का पूजा स्थल है और लोगों की आस्था का केंद्र चित्रकूट का अमावस्या मेला फिर से कोरोना के साये में है. इस बार भी मंदाकिनी तट पर एकत्रित होकर श्रद्धालु भगवान कामता नाथ के दर्शन नहीं कर पाएंगे। सतना जिले के चित्रकूट में इस बार अमावस्या पर मेला नहीं लगेगा. चित्रकूट में अमावस्या मेले के आयोजन पर एसडीएम मझगवां प्रभाशंकर त्रिपाठी ने रोक लगा दी है. उन्होंने श्रद्धालुओं से घरों में रहकर पूजा करने की अपील की है. बता दें कि देश भर से लाखों श्रद्धालु हर महीने अमावस्या को चित्रकूट पहुंचते हैं।

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चित्रकूट में, भक्त अमावस्या पर मंदाकिनी में डुबकी लगाते हैं और भगवान कामता नाथ के दर्शन करते हैं और कामदगिरी पर्वत की परिक्रमा करते हैं। चित्रकूट में कामदगिरी पर्वत की दंडवती परिक्रमा भी की जाती है। इस बार मौनी अमावस्या होने के कारण भक्तों के बीच अमावस्या का विशेष महत्व है।

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लेकिन कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर अमावस्या मेले पर रोक लगा दी है. इससे पहले कोरोना की दोनों लहरों के दौरान भी चित्रकूट में मेले पर रोक लगा दी गई थी.

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