अनूपपुर

अनूपपुर: जिले के आदिवासी बाहुल्य ब्लॉक पुष्पराजगढ़ अभी भी पिछड़ा है। पुष्पराजगढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत अमदरी खाल्हे धबई मोहल्ला 4 किमी पक्की सड़क की समस्या से जूझ रहा है। सड़क के अभाव में आपातकालीन सेवाएं गांव तक नहीं पहुंच पाती हैं। जिससे परेशान ग्रामीणों को घर के बीमार मरीजों को खाट पर लादकर चार किमी का फासला तय करते हुए मुख्य मार्ग तक पहुंचते हैं।

बताया जाता है कि ग्राम पंचायत अमदरी का राजस्व ग्राम धबई दो मोहल्ले में बसा हुआ है। दोनों मोहल्ले के बीच की दूरी लगभग 4 किमी है। टिकरा धबई तक पहुंच मार्ग बना हुआ है, लेकिन खाल्हे धबई राजस्व ग्राम नहीं होने की वजह से मुख्य मार्ग से नहीं जुड़ सका है। हाल ही में खाल्हे धबई ग्राम में महिला चम्पी बाई पति रूप सिंह की अचानक तबियत खराब हो गई थी।

परिजनों ने पंचायत की सरपंच उर्मिला मार्को को घटना की सूचना देते हुए एम्बुलेंस वाहन 108 को डायल किया गया था। सरपंच पति राम मिलन सिंह ने 108 पर फोन लगाया, उधर से लोकेशन पूछे जाने पर अमदरी पंचायत धबई ग्राम के खाल्हे धबई मोहल्ला होना बताया गया, तब आपातकालीन सेवा 108 से बात कर रहे भोपाल कंट्रोल रुम से कहा गया कि लोकेशन तक 108 वाहन नहीं पहुंचाया जा सकता। जिसके बाद मजबूर होकर ग्रामीणों ने बीमार महिला को खाट पर लिटा कर कंधों पर रख पैदल 4 किमी दूरी तय करते हुए मुख्य मार्ग पर ऑटो से बेनीबारी उपस्वास्थ केन्द्र पहुंचे थे। जिसके बाद महिला को इलाज मिला।

सांसद विधायक के आश्वासन बाद भी नहीं निर्माण:


6 अक्टूबर 2019 को पंचायत ने सड़क की मांग करते हुए प्रस्ताव पारित किया और जनपद व शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद को दिया। 21 नवम्बर 2020 को ग्राम पंचायत अमदरी द्वारा सांसद व स्थानीय विधायक को पुन: पत्र लिखा गया। दोबारा 15 अगस्त 2019 को सरपंच उर्मिला मार्को की अध्यक्षता मे पंचायत ने सर्वसम्मति से मार्ग निर्माण का प्रस्ताव परित कर जनपद पंचायत को दिया। कलेक्टर को 5 नवम्बर 2019 को ज्ञापन ग्रामीणों द्वारा सौंपा गया।

इतना ही नहीं पूर्व में 5 अक्टूबर 2014 को मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुष्पराजगढ़ आगमन पर तात्कालीन सरपंच राम मिलन सिंह मार्को के नेतृत्व में ज्ञापन सौंपकर सड़क निर्माण की मांग की गई थी। खाल्हे धबई टोला में 742 मतदाता है। जिसमें 370 पुरुष, 372 महिला व 259 अवयस्क हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वर्ष 2003-04 में काम के बदले आनाज योजना के तहत आरईएस विभाग ने एक बार कच्ची सड़क बनाई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published.