ग्वालियर में संतान की चाह में दो कॉलगर्ल की बलि

ग्वालियर में संतान की चाह में दो कॉलगर्ल की बलि के लिए उकसाने वाले तांत्रिक के काले कारनामे अब बाहर आने लगे हैं। तांत्रिक ने स्टेशन के आसपास घूमने वाली एक भिखारी महिला से तीन लाख रुपए ठगे थे। यह तीन लाख रुपए उसने भीख मांग-मांगकर जोड़े थे। यह खुलासा तांत्रिक सखी बाबा के साथी नीरज परमार ने पुलिस के सामने किया है। दो साल से वह तांत्रिक के साथ है। अब कहानी की सच्चाई का पता लगाने के लिए पुलिस को उस महिला की तलाश है।

इस मामले में नीरज ने बताया है कि महिला ने भीख मांग-मांगकर 3 लाख रुपए जोड़ लिए थे। इसी बीच तांत्रिक की नजर उस पर पड़ गई। उसने भिखारियों के बीच बैठकर महिला से दोस्ती की। फिर उसे बताया कि वह काला जादू जानता है। महिला की राशि और नक्षत्र ऐसे हैं कि वह तंत्र-मंत्र से माया को हासिल कर सकती है। इसके लिए महिला उसके झांसे में आ गई। धीरे-धीरे तीन बार में सखी बाबा उर्फ गिरवर यादव ने महिला से उसके 3 लाख रुपए ऐंठ लिए।

अब महिला नहीं मिल रह

इस कहानी के बाद उस हुलिया की महिला को स्टेशन बजरिया से लेकर आसपास के मंदिरों तक पुलिस ने तलाशा है। पर वह महिला नहीं मिली है। अब यह कहानी नीरज ने सुनाई है। पुलिस को कहानी पुख्ता करने के लिए महिला चाहिए होगी, लेकिन वह गायब है। आशंका है कि कहीं उस महिला के साथ तांत्रिक ने कुछ गलत तो नहीं किया है। CSP रवि भदौरिया ने बताया कि अभी यह कहानी प्राथमिक तौर पर सामने आई है। तांत्रिक के दोस्त नीरज ने यह बताया है। इसकी सच्चाई पता लगाने महिला की तलाश की जा रही है।

तांत्रिक ने किए हैं कई कांड


हजीरा थाने की हवालात में मौजूद तांत्रिक गिरवर यादव उर्फ सखी बाबा अपने मुंह पर ताला लगाए बैठा है। वह न तो कुछ बोल रहा है, न ही कुछ बता रहा है। पुलिस के सामने उसका साथी नीरज परमार एक-एक कर उसकी पूरी कहानी खोल रहा है। नीरज ने पुलिस को बताया कि बाबा दतिया के सेवढ़ा का रहने वाला है। फिर मुरैना के सरायछोला में रहा। इसके बाद ग्वालियर आ गया। नीरज दो साल से उसके साथ है। उसने बताया कि उसने स्टेशन के बाहर घूमने और भीख मांगने वाली एक महिला से तीन लाख रुपए ठगे थे।

एक नजर में पूरा घटनाक्रम

बलि की बात सुन सभी परेशान हो गए, लेकिन नीरज ने रास्ता बताया। बताया कि बलि के लिए कॉलगर्ल का उपयोग कर सकते हैं, क्योंकि उनके आगे-पीछे कोई नहीं होता है। मीरा राजावत देह व्यापार से जुड़ी थी, इसलिए उसने पहचान की हजीरा की नीरू का इंतजाम किया। सभी लोग उससे डील कर उसे सरायछोला मुरैना के बीहड़ लेकर पहुंचे। यहां दुर्गाष्टमी (13 अक्टूबर) को उसी की चुनरी से उसका गला दबाकर मार डाला, लेकिन हत्या से पहले कॉलगर्ल के शराब पीने पर तांत्रिक ने बलि अस्वीकार कर दी।

इसके बाद शरद पूर्णिमा (20 अक्टूबर) की रात कॉलगर्ल आरती उर्फ लक्ष्मी मिश्रा को इसी तरह ले जाकर हत्या की। इस बलि के बाद लाश तांत्रिक को दिखाने जा रहे थे, तभी बाइक से लाश के गिरने पर उसे छोड़कर भागे। CCTV कैमरे की फुटेज और कॉलगर्ल की कॉल डिटेल से पूरा राज खुल गया।

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