पिंजरा तोड़कर भागा तेंदुआ इंदौर जू के अंदर ही है, ZOO और बुरहानपुर वन विभाग की 20 लोगों की टीम कर रही रेस्क्यू, जाल और पिंजरा लेकर पहुंचे

पिंजरा तोड़कर भागा तेंदुआ

इंदौर के लिए राहत की बात है। पिंजरा तोड़कर भागा तेंदुआ इंदौर जू के अंदर ही है। बुरहानपुर वन विभाग की टीम और इंदौर जू के करीब 20 लोग उसे पकड़ने की कोशिश में लगे हैं। जाल और पिंजरा लेकर टीम मौके पर है। सुबह एक कैमरे में तेंदुआ दिख गया था, इससे स्पष्ट हो गया था कि तेंदुआ जू के अंदर ही खुले में घूम रहा है।

बता दें कि बुधवार रात को तेंदुए पिंजरा तोड़कर भाग गया था। इसके बाद उसे तलाशने की शुरुआत हुई। यह बात साफ हो गई है कि तेंदुआ इंदौर जू ही से भागा है। अब तक इंदौर के अफसर इससे इंकार कर रहे थे, लेकिन बुरहानपुर के डीएफओ प्रदीप मिश्रा ने कहा हमारी टीम रात में घायल तेंदुए को इंदौर छोड़ने गई थी।

रात होने से उन्होंने लिखा-पढ़ी कर तेंदुआ रिसीव करने से मना कर दिया था। ऐसे में हमारी टीम रात में जू के अंदर गेट ही तीन कैमरों की निगरानी में पिंजरा गाड़ी खड़ी करके सो गई थी। सुबह तेंदुआ नहीं मिला और पिंजरे की जाली टूटी थी। कैमरे चेक करवाए, तो वह तीनों खराब निकले। एक दूर के कैमरे में जानवर भागता दिख रहा है लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि वह वही तेंदुआ है या नहीं। वहीं, शाम को इंदौर चिड़ियाघर की टीम ने सर्चिंग बंद कर दी है। सुबह दोबारा उसकी तलाश शुरू की गई। कैमरे में दिख जाने के बाद उसे पकड़ने की कोशिश की जा रही है।

वहीं, चिड़ियाघर प्रभारी उत्तम यादव के मुताबिक शाम को हमने चिड़ियाघर के अंदर तेंदुए को तलाश किया था, लेकिन वह नहीं मिला। रात में टीम ने सर्चिंग भी बंद कर दी। सुबह वन विभाग के अफसरों के साथ मिलकर एक बार और सर्चिंग की गई है।

पहले प्राथमिक तौर पर उनका मानना है कि तेंदुआ बुरहानपुर से इंदौर लाते समय रास्ते में भागा है। फिर भी बुरहानपुर के वन विभाग के अफसर इंदौर पहुंचकर तेंदुए को तलाशेंगे। डॉक्टर उत्तम यादव ने बताया कि यह तेंदुए का छोटा बच्चा है, इसलिए घबराने की जरूरत नही है।

यह है मामला

बुरहानपुर से तेंदुआ एक दिन पहले जख्मी हालत में एक दिन पहले लाया गया था। दोनों पैरों में चोट लगी थी। एसडीओ नेपानगर दिनेश यादव ने ्कहा कि हम खुद इंदौर जू में पिंजड़े में तेंदुआ छोड़कर आए थे। अब उसके भागने की खबर मिली है, तो वापस इंदौर जा रहे हैं। इधर, इंदौर जू के अफसर कह रहे हैं कि तेंदुआ इंदौर लाया ही नहीं गया था। न हमने इसे रिसीव किया न ही कोई रिसिप्ट दी थी।

सूत्रों के मुताबिक जू कर्मचारियों ने रात को उसे पिंजरे में रखा था। यह एक साल का मादा तेंदुआ है। गुरुवार को उसे चिड़ियाघर में शिफ्ट किया जाना था। इस दौरान बारिश शुरू हुई। कर्मचारियों ने चलित पिंजरे को बरसाती से ढंका गया था। शाम को कर्मचारी जब उसे शिफ्ट करने पहुंचे तो तेंदुआ पिंजरे में नहीं था। पिंजरे की जाली भी टूटी हुई थी, यानी जाली तोड़कर तेंदुआ भाग गया। इस पर तत्काल कर्मचारियों ने सूचना दी। वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। सुरक्षा साधनों के साथ उसकी जू में ही खोजबीन की गई।

दरअसल, जू अब 52 एकड़ में फैला है। इसके लिए चप्पा-चप्पा छाना जा रहा है, लेकिन अभी तक पता नहीं चला है। जू के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं। मामले में वन विभाग की भी मदद ली जा रही है। इस बीच, सोशल मीडिया पर जू से तेंदुए भागने की खबर फैली, तो जू के आसपास के क्षेत्र संवाद नगर, आजाद नगर, मूसाखेड़ी, नवलखा, रेसीडेंसी सहित आसपास के क्षेत्रों में भी हड़कंप मच गया। मामले में पुलिस, प्रशासन, नगर निगम, वन विभाग आदि की टीमें अलर्ट हो गई हैं।

24 घंटे में भी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे अफसर

तेंदुए को लेकर 24 घंटे बाद भी वन विभाग और चिड़िया घर के अधिकारी निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं। तेंदुआ इंदौर आया भी था या नहीं, इस बात पर संशय है। चिड़िया घर के अधिकारी उत्तम यादव के मुताबिक वन विभाग के अधिकारियों ने उन्हें तेंदुआ सौंपा 

सौंपा ही नहीं है। उनसे रिसिप्ट भी नहीं ली गई। मामले में बुरहानपुर के अधिकारी अपनी गलती मान रहे हैं कि रात में उन्होंने चिड़िया घर के अधिकारी से संपर्क नहीं किया।

तिरपाल से ढंका था पिंजरा, कैमरा मिला बंद

बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे आए तेंदुए का पिंजरा तिरपाल से ढंका था। रात में चिड़ियाघर के चौकीदार ने उसे देखा ही नहीं। इसके बाद जहां पिंजरा रखा था, वहां गाड़ी खड़ी की गई थी। वहां का कैमरा भी बंद पाया गया है। सुबह जब तेंदुआ पिंजरे में नहीं था, तो चिड़ियाघर के अधिकारियों ने बुरहानपुर के वन कर्मियों से बातचीत की, उन्होंने पिंजरे में ही तेंदुआ होने की बात कही।

डीएफओ बोले- शाम तक तलाशा गया, लेकिन नहीं मिला

इंदौर डीएफओ नरेंद्र पंडवा ने बताया कि दोपहर में उन्हें बुरहानपुर के वन विभाग के अधिकारियों ने कॉल कर चिड़िया घर से तेंदुए के लापता होने की बात कही थी। शाम तक चिड़ियाघर में ही तेंदुए को ढूंढा गया था, लेकिन वह नहीं मिला। इसके बाद में अन्य कैमरे भी देखे गए, लेकिन तेंदुए की जानकारी नहीं लगी। सुबह चिड़ियाघर के अधिकारियों से सर्चिंग ऑपरेशन चलाकर तेंदुए को ढूंढा जा सकता है। फिलहाल, चिड़ियाघर के अधिकारियों ने तेंदुआ नहीं आने की बात कही है।

पिंजरे में से ही गायब हुआ
डॉक्टर उत्तम यादव का कहना है कि रात में तेंदुए को अंदर लिया नहीं गया था। जिस पिंजरे में उसे लाए थे, उसी में से वह गायब है। पिंजरा बाहर ही था, जू में तो कभी आया ही नहीं।

लोकेशन को लेकर संशय

  • जू करीब 52 एकड़ में फैला है। इसके चलते संशय है कि वह जू में ही है या बाहर भाग गया।
  • तेंदुए की प्रवृत्ति है कि वह तेजी से भागने के साथ 50 फीट ऊंचाई तक पेड़ों या अन्य स्थानों पर चढ़ सकता है।
  • जू में अलग-अलग टीमें उसे खोज रही हैं।
  • कुछ जगह के सीसीटीवी फुटेज भी देखे जा रहे हैं।
  • तेंदुए को पकड़ने के लिए नगर निगम के पास ठोस संसाधन नहीं हैं।

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