रीवा आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश:

अभियान के तहत युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए शुरू की गई योजनाओं पर आवेदन इनदिनों बंद कर दिया गया है। इसकी प्रमुख वजह विभाग की ओर से नहीं स्पष्ट की जा रही है, केवल तकनीकी खामियों को कारण बताया जा रहा है। यह किसी एक नहीं बल्कि कई योजनाओं पर हो रहा है।

कहा जा रहा है कि नए स्वरूप में स्वरोजगार योजनाओं को लागू किया जा रहा है, इसलिए पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया जल्द प्रारंभ होगी। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना के लिए आवेदन की प्रक्रिया बंद की गई है। इन सबको नए स्वरूप में लागू करने के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की घोषणा के बाद भी ठीक तरह से शुरुआत नहीं हो सकी है। जिसकी वजह से सरकार की योजना का लाभ लेने के लिए युवा आवेदन नहीं कर पा रहे हैं।

कोविड-19 के कारण :

यह पूर्व लागू स्वरोजगार योजनाओं का नया स्वरूप है। कोविड-19 के कारण पिछले दो वर्षों से बेरोजगार युवा लोन के लिए जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के चक्कर काट रहे हैं। के वहीं मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना को लागू तो कर दिया गया है लेकिन अभी तक इसका पोर्टल शुरू नहीं होने के कारण युवा इसके लिए आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इसके साथ ही इस योजना का इंतजार कर रहे युवाओं का कहना है कि इसमें 18 से 40 वर्ष की उम्र तय करने से अधिकांश लोग तो इससे वैसे ही बाहर हो जाएंगे।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विभाग (एमएसएमइ) की ओर से प्रदेश के युवाओं को उद्योग, सेवा या व्यवसाय के लिए मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना की शुरूआत की गई है। इसका लाभ नए उद्योग स्थापित करने वालों को मिलेगा। इसके तहत सेवा क्षेत्र में 25 लाख व मेन्युफेक्चरिंग उद्योग के लिए 50 लाख के लोन पर 3 फीसदी ब्याज अनुदान दिया जाएगा। कोरोना संक्रमण काल के चलते पिछले दो वर्षों से बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार के माध्यम से रोजगार के मौके मुहैया कराने के उद्धेश्य से चलाई जा रही योजनाएं भी बंद चल रही हैं।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना और मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना का लाभ लेने के लिए शहर के बेरोजगार युवा काफी समय से जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र (डीआइसी) के चक्कर लगाते आ रहे हैं। 2015 में शुरू की गई इन योजनाओं में स्वरोजगार योजना में 50 हजार से 10 लाख तो युवा उद्यमी योजना में 10 लाख से 2 करोड़ तक का लोन दिया जाता था। अब इनसे लोन और सब्सिडी कुछ भी नहीं मिल पा रहा है।

जानिए क्या होगी शर्ते व सुविधा

7 वर्ष के लिए 3 फीसदी ब्याज अनुदान मिलेगा।

■ सेवा क्षेत्र के लिए 1 से 25 लाख व विनिर्माण उद्योग

स्थापित करने के लिए 1 से 50 लाख रुपए का लोन।

■ आवेदक की आयु 18 से 40 वर्ष तथा शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास होना चाहिए।

■ आयकरदाता होने पर तीन साल की विवरणी देनी होगी। आय 12 लाख रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए।

■ केंद्र व राज्य की स्वरोजगार

योजना के लाभान्वित व किसी तरह के डिफाल्टर को लाभ नहीं मिलेगा।

40 वर्ष से अधिक वालों को नहीं मिलेगा लोन:

अधिकांश युवा जो स्वयं का उद्यम स्थापित करना चाहते हैं उनकी आयु 35 से 45 वर्ष के बीच है। वहीं सरकार ने 18 से 40 वर्ष तक के युवाओं को ही इसका पात्र घोषित किया है, जिसके चलते बड़ी संख्या में युवाओं को लाभ मिल पाना मुश्किल है। करीब 35 वर्ष की आयु तक तो युवा नौकरियों की तलाश में रहते हैं, जब वहां सफलता नहीं मिलती तभी स्वयं का कारोबार करने की ओर बढ़ते हैं।

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