पत्थरबाजी व तोड़फोड़ के बाद सेल्समैन ने दर्ज कराया मुकदमा, बेकसूर बताकर मऊगंज थाने में माननीय ने दिया धरना, दुकान में लगा ताला

रीवा जिले के मऊगंज कस्बे में दो दिन पहले शराब दुकान में पत्थरबाजी व वाहनों में हुई तोड़फोड़ के बाद मुकदमा दर्ज करना खाकी को भारी पड़ गया है। यहां पुलिसिया कार्रवाई के विरोध में खादी ने थाने में धरना दे दिया है। नतीजन पुलिस ने शराब दुकानदार के खिलाफ काउंटर केस दर्ज करते हुए मदिरालय में ताला जड़ दिया है। ऐसे में बुधवार की दोपहर 12 बजे से रात 8 बजे तक शराब दुकान बंद रही है।

हालांकि खबर लिखे जाने तक शराब दुकान खुलने की को​ई संभावना भी नहीं थी। दावा है कि सत्ताधारी दल के विधायक ने कस्बे से बाहर ​दुकान संचालित करने का फरमान सुनाया है।​ जिससे आबकारी अमला बेबस हो गया है। ऐसे में चोरी छिपे नए स्थान की तलाश की जा रही है। जिससे विधायक का विरोध भी कायम रहे। साथ ही शराब दुकानदार पर पुलिस का शिकंजा बना रहे।

ये है पूरा मामला
दरअसल 27 जून की रात 10 से 11 बजे बीच अज्ञात बदमाशों ने शराब दुकान पर पत्थरों से हमला बोल दिया। जिससे कई पत्थर शराब दुकान के अंदर तक पहुंचे। वहीं बाहर खड़े कई वाहन तोड़फोड़ के कारण ​छतिग्रस्त हो गए। ऐसे में दुकान के सेल्समैन प्रिंस सिंह ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर अर्जुन मुडहा और अशोक चौरसिया सहित अन्य पर प्रकरण दर्ज करा दिए।

दूसरे दिन गद्दा बिछाकर धरने पर बैठे विधायक
बुधवार को मऊगंज पुलिस की ​कार्रवाई के विरोध में भाजपा विधायक प्रदीप पटेल थाने में गद्दा बिछाकर धरने पर बैठ गए। पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य एवं राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त प्रदीप पटेल के विरोध को देखते हुए पुलिस हरकत में आ गई। क्योंकि चुनाव के बीच मऊगंज नगर परिषद के 15 भाजपा पार्षद प्रत्याशियों भी धरने में शामिल थे। ऐसे में विधायक की सभी मांगे मानी गई।

विधायक की मांग
मऊगंज विधायक ने आरोप लगाया कि शराब दुकानदार के कहने पर पुलिस ने जल्दबाजी में अर्जुन मुडहा और अशोक चौरसिया सहित अन्य पर झूठा मुकदमा लगा दिया है। जिनके नाम विवेचना में काटे जाएं। आरोपी दुकान संचालक पर काउंटर केस दर्ज हो। कस्बे से बाहर शराब दुकान संचालित हो। जिससे शराब कारोबारियों के गुर्गों के आतंक से आम जनता न प्रभावित हो।

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