सीधी. संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र की बाघिन के शिकार मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। शिकारियों ने बड़ी बेरहमी के साथ घटना को अंजाम दिया था। सबसे पहले शिकार के बाद बाघिन को गड्ढे में दफना दिया था। तीन दिन बाद निकाल कर उसके शव के कई टुकड़े किए और पांच बोरों भरकर गोपद नदी में फेंक दिया।

रविवार को गोताखोरों की मदद से नदी से दो बारे बरामद कर लिए गए हैं। उनमें बाघिन के पीछे के दो पैर और आगे का दाहिना पैर मिला है। वन विभाग के अधिकारियों ने वारदात में शामिल तीन आरोपी चिह्नित कर गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी मिली है कि एक दर्जन आरोपियों ने मिलकर शिकार किया था।

पकड़ में आए आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि करंट में फंसने से मौत बाद 5 नवंबर की रात बाघिन को बंजारी के जंगल में ही

गड्डा खोदकर दफना दिया था। पकड़े जाने के डर से 8-9 नवंबर की रात सभी पुनः घटना स्थल पर पहुंचे और गड्ढा खोदकर बाघिन का शव निकाला। उसके शरीर के कई टुकड़े किए और पांच बोरों में भरकर घटना स्थल से करीब डेढ़ किमी दूर गोपद नदी में फेंक दिया। आरोपियों की निशानदेही पर टाइगर रिजर्व के अधिकारियों ने खोजी कुत्ते के सहारे पड़ताल शुरू की तो खोजी कुत्ता घटना स्थल से सीधे गोपद नदी के उसी स्थल पर जाकर कूदा, जहां आरोपियों ने बाघिन के शव को फेंके जाने की बात बताई थी।

इसके बाद नदी में उतारे गए गोताखोरों ने रविवार की सुबह करीब 11 बजे दो बोरे बरामद किए। उसमें बाघिन के पीछे के पैर थे। करीब दो घंटे बाद एक बोरा और मिला। उसमें आगे का दाहिना पैर मिला। इसके बाद भी ऑपरेशन जारी रहा। हालांकि शरीर के अन्य हिस्से नहीं मिल पाए। अपराह्न करीब 3.30 बजे तलाश अगले दिन तक के लिए स्थगित कर दी गई।

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