सीधी से महज 10 किमी दूर बड़ौरा में भ्रष्टाचार और लापरवाही ने एक मासूम की जान ले ली। 6 महीने पहले पंचायत द्वारा खोदे गए एक गड्ढे में शनिवार को 5 साल का बच्चा डूब गया।
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मासूम को गोद में लिए बुजुर्ग रोते रहे। ग्रामीणों का आरोप है कि बच्चे की मौत आत्महत्या नहीं, हत्या है, क्योंकि जिम्मेदार यदि समय पर गड्ढे को भरवा देते तो बच्चे की जान नहीं जाती। पुलिस ने पंचनामा बनाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया है।
थाना प्रभारी चुरहट कन्हैया सिंह बघेल ने बताया कि हादस बढ़ौरा में हुआ है। सेमरिया चौकी ने सूचना दी थी कि आंगनवाड़ी केंद्र के पीछे एक गड्ढे में 5 साल का शिवाय कोल पुत्र महेश कोल डूब गया है। मौके पर पहुंचे तो तीन-चार फीट गहरे गड्ढे में बच्चा डूबा हुआ था। उसे बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।
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पता चला है कि आंगनवाड़ी के सामने मौजूद हैंडपंप से निकलने वाले पानी के लिए सोख गड्ढा खोदा गया था। इसी में पानी स्टोर होता है। बच्चा खेलते-खेलते गड्ढे में गिर गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच में लिया है।
गड्ढा पंचायत से खुदवाया था:
ग्रामीण मुन्ना कोल का कहना है कि पंचायत द्वारा यह गड्ढा करीब 6 महीने पहले खुदवाया गया था। करीब 4 फीट गहरे गड्ढे में पानी भरा हुआ है। जिस प्रकार से सोख्ता गड्ढा बनवाया गया है, क्या वह इसी प्रकार से बनता है। यह गड्ढा नहीं होता तो बच्चे की जान नहीं जाती।
ऐसा लगता है जैसे यह गड्ढा तो मरने के लिए ही बनवाया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गड्ढे में कई मवेशी गिरकर घायल हुए हैं। शिकायत भी की गई, लेकिन पंचायत ने ध्यान नहीं दिया।