यूक्रेन में फंसे छात्रों ने सुनाई दर्द भरी कहानी, जिंदा रहने के लिए कर रहे हैं ये काम

यह दर्दनाक कहानी मैं यूक्रेन के सीमावर्ती इलाके में फंस गया हूं। गुरुवार सुबह 5 बजे धमाकों की आवाज से हमारी नींद खुली। चारों ओर धुएं और आग का गुबार दिखाई दे रहा है। वह बचने के लिए इधर-उधर भागता रहा। वह 24 घंटे अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन पर छिपा रहा। खाने को कुछ नहीं होता तो हॉस्टल तक पहुंचना मुश्किल हो जाता था। पता नहीं कब क्या हो जाए, हम सब बहुत डरे हुए हैं। हर आधे घंटे में विस्फोट की आवाज सुनाई देती है। बिल्डिंग के नीचे छिपने के लिए बंकर भी बनाए गए हैं।

Valimai के सुबह 4 बजे के शो भी जा रहे है हाउसफुल

यह दर्दनाक कहानी छतरपुर के हेमंत श्रीवास ने सुनाई। वह यूक्रेन में फंसा हुआ है। मुसीबत के बीच अपनी जान बचाने के लिए हेमंत के साथ कई लोग इधर-उधर छिपे हुए हैं।

TATA IPL 2022 नीलामी में सबसे ज्यादा कमाई करने वाले ये है 10 खिलाड़ी

बालागढ़ निवासी शिवानी के पिता रामेश्वर प्रजापति एमबीबीएस की पढ़ाई करने यूक्रेन में थे। अब युद्ध के समय हैं। वह देश में आना चाहती है, लेकिन कोई रास्ता नहीं दिखता। अभिभावक भी जनप्रतिनिधियों से गुहार लगा रहे हैं। विधायक गायत्री राजे पवार ने वीडियो कॉलिंग के जरिए छात्र को मदद का आश्वासन दिया। उन्होंने सीएम शिवराज सिंह से भी बात की। छात्रा ने बताया कि अभी हम सब हॉस्टल में हैं, लेकिन स्थिति बहुत खराब है. सांसद महेंद्र सोलंकी ने भी विदेश मंत्री से बात की।

बबीता जी नहीं बल्कि इनके साथ ड्रीम डेट पर जाना चाहते हैं जेठालाल

देवास लौटे छात्र ने दिया बयान

गुरुवार को मिश्रीलाल नगर निवासी रजत के पिता जितेंद्र गलोदिया यूक्रेन से देवास पहुंचे। हालांकि रजत युद्ध से पहले ही जा चुका था, इसलिए वह सकुशल अपने घर पहुंच गया। रजत सितंबर में एमबीबीएस करने गए थे। वह पहले ही पारिवारिक दबाव के चलते वहां से जा चुका था। उसे घर पहुंचने में तीन से चार दिन लग गए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *