मौके पर मौजूद अधिकारी - Dainik Bhaskar
शहर के उतैली बायपास के पास श्मशान भूमि पर कब्जे की कोशिश ने बवाल

मौके पर मौजूद अधिकारी

शहर के उतैली बायपास के पास श्मशान भूमि पर कब्जे की कोशिश ने बवाल खड़ा कर दिया। श्मशान की जमीन को रातो-रात समतल कर दिए जाने से नाराज क्षेत्रीय जनता सड़क पर उतर आई और प्रदर्शन करने लगी। हालात पर काबू पाने सीएसपी और एसडीएम को फोर्स लेकर आना पड़ा।

शहर के उतैली बायपास के पास वर्षों से श्मशान भूमि के तौर पर पहचानी और इस्तेमाल की जाने वाली एक जमीन पर रातोरात जेसीबी मशीन चला कर कब्जे का प्रयास किया। शमशान का नामोनिशान मिटा दिया गया और वहां नगर निगम द्वारा कराए गए बोर को भी गायब किया।

शनिवार सुबह जब क्षेत्रीय लोगों ने नजारा देखा तो हंगामा मच गया। लोग आक्रोशित हो कर सड़क पर उतर आए। बायपास पर प्रदर्शन शुरू हो गया। महिलाओं समेत तमाम लोगों ने चक्काजाम कर वाहनों का आवागमन ठप कर दिया। सूचना मिली तो सीएसपी महेंद्र सिंह ,कोलगवां टीआई डीपी सिंह मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाइश देने का प्रयास किया। लेकिन नाराज लोग कुछ भी सुनने-मानने को तैयार नहीं थे।

मौके पर पटवारी राजेन्द्र सिंह को बुलाया गया, एसडीएम राजेश जाधव और तहसीलदार भी पहुंचे। नाराज लोगों ने अधिकारियों को बताया कि वे वर्षों से इस जमीन का इस्तेमाल श्मशान भूमि के तौर पर करते आ रहे हैं। रात भर में उसका नामोनिशान मिटा दिया। वर्ष 1958- 59 के राजस्व रिकार्डों में भी यह भूमि शासकीय ही दर्ज है।

फिर इस पर कोई कब्जा कैसे कर सकता है ? एसडीएम ने जांच कराने को कहा तो जनता मौके पर ही निराकरण की जिद पर अड़ गई। बातचीत और समझाइश के लंबे चले दौर के बाद किसी तरह मामला तब शांत हुआ जब एसडीएम ने शीघ्र जांच कराने और दोषियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिया।

वर्ष 58 – 59 के राजस्व रिकार्डो में शासकीय रही श्मशान भूमि पर कब्जे की यह कोशिश किसी विभु सिंह नामक व्यक्ति द्वारा की गई। इस मामले में संजू अग्रवाल और राजेश पटेल बरती के नाम भी सामने आए हैं।

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