रीवा शहर की अमहिया पुलिस ने लाल खून के काले कारोबार को उजागर कर दलाल को गिरफ्तार कर लिया है। सूत्रों की मानें तो काफी दिनों से संजय गांधी अस्पताल के ब्लड बैंक में खून के नाम पर वसूली की शिकायतें मिल रही थी। इसी बीच मंगलवार की दोपहर एक मरीज के अटेंडर से 5 हजार रुपए ठगने की सूचना पर अमहिया पुलिस अस्पताल पहुंची थी। जहां SGMH के ब्लड बैंक के समाने दलाली करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। अब अमहिया पुलिस आरोपी के​ खिलाफ आईपीसी की धारा 419, 420 का मामला दर्ज कर अन्य लोगों के विरुद्ध जांच कर रही है।

अमहिया थाना प्रभारी शिवा अग्रवाल ने बताया कि मरीज के अटेंडर ने एक यूनिट रक्त के बदले 5 हजार रुपए मांगने की शिकायत की थी। ऐसे में अस्पताल में दबिश देकर आरोपी संदीप मिश्रा को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी की संलिप्तता पाए जाने पर थाने लाकर प्रकरण दर्ज कर लिया है। साथ ही अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

वर्षों से चल रहा खून खेल
अस्पताल सूत्रों का दावा है कि संजय गांधी स्मृति हॉस्पिटल में वर्षों से खून के नाम पर बड़ा खेल चल रहा है। यहां सुबह से शाम तक कई दलाल खड़े रहते है। जो गांव से आने वाले भोल-भाले मरीज के परिजनों व गंभीर बीमारी से ग्रसित मजबूर लोगों को गुमराह कर पैसे में खून मिलने का हवाला देते है। फिर मोटी रकम ऐंठने के बाद रक्त उपलब्ध करा देते थे।

जरूरतमंद को नहीं मिलता रक्त
चर्चा है कि एसजीएमएच अस्पताल में जरूरतमंदों को कभी रक्त नहीं मिलता है। बल्कि दलाल मिनटों में रक्त उपलब्ध करा देते है। ब्लड बैंक के पदस्थ जिम्मेदार जरूरतमंद के हिसाब से संबंधित ब्लड ग्रुप का रक्त न होने का हवाला देते है। जैसे ही मरीज की तबियत बिगड़ने लगती है। तब रक्त जल्दी चढ़वाने के लिए मजबूर कर देते हे। अंतत: मरीज के अटेंडर दलालों के चंगुल में फंस जाते है।

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